सहायक शिक्षक भर्ती पर रोक बढ़ी,
सुनवाई 20 को
• अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्रदेश में 72825 सहायक
अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर
प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल जवाब से
हाईकोर्ट असंतुष्ट है। कोर्ट ने
भर्ती प्रक्रिया पर रोक
की अवधि अगले आदेश तक के लिए
बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार से पूरक शपथपत्र
दाखिल करने को कहा है। 20
फरवरी को सुनवाई होगी। कई
अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल विशेष
अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश
न्यायमूर्ति सुशील हरकौली और
न्यायमूर्ति मनोज मिश्र की खंडपीठ
ने दिया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार
को प्रदेश सरकार द्वारा संक्षिप्त
हलफनामा दाखिल किया गया।
न्यायालय ने कहा कि ऐसा लगता है
कि टीईटी परीक्षा में हुए घोटाले पर
सरकार ने बहुत ही सरसरी तौर पर काम
किया है। मात्र पुलिस की रिपोर्ट
को बिना किसी जांच पड़ताल के
स्वीकार कर लिया गया है।
न्यायालय का कहना था सरकार से
हलफनामे से उनकी जिज्ञासा शांत
नहीं हुई है। न्यायालय ने
टीईटी घोटाले की मुख्य सचिव
की अध्यक्षता में हुई जांच की विस्तृत
रिपोर्ट बिंदुवार आख्या के साथ
हलफनामा दाखिल किया जाए।
अभ्यर्थियों ने विशेष अपील दाखिल
कर एकल न्यायपीठ के 16 जनवरी के
आदेश को चुनौती दी है।
उनका कहना है कि यूपी बोर्ड
द्वारा आयोजित टीईटी में उन
मानकों को नहीं अपनाया गया जोकि बोर्ड
परीक्षा में अपनाए जाते हैं। जांच में
भी पुलिस की रिपोर्ट में आए
तथ्यों को ही आधार बनाया गया।
सरकार ने 30 नवंबर 2011
को जारी विज्ञापन रद कर
अवैधानिक कार्य किया है। कोर्ट ने
प्रदेश सरकार से अपीलार्थियों के
अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई
आपत्तियों पर संपूरक
हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
याचियों के हंगामे से कोर्ट नाराज
इलाहाबाद। सहायक अध्यापक
भर्ती मामले में अपील दाखिल करने
वाले याचियों के चलते कोर्ट
की कार्यवाही में खलल पड़ा।
इसकी वजह से मामले की सुनवाई कर
रही खंडपीठ ने कुछ देर के सुनवाई
स्थगित कर दी। न्यायाधीशों ने
याचियों के अधिवक्ताओं को आगाह
किया कि अदालत में शोरगुल न
किया जाए। इसके बाद
भी सैकड़ों की संख्या में कोर्ट में पहुंचे
अभ्यर्थियों पर कोई फर्क
नहीं पड़ा तो न्यायाधीश
नाराजगी जताते हुए सुनवाई कुछ देर के
लिए रोक दी।
•टीईटी घोटाले की जांच पर कोर्ट ने
मांगी विस्तृत रिपोर्ट
•प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल जवाब
से हाईकोर्ट असंतुष्ट
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