मधुबन
(मऊ) : पिछले लगभग दो साल से शिक्षक भर्ती की राह देख रहे टीईटी पास
अभ्यर्थियों की अब सारी उम्मीद आगामी 16 अपै्रल को आने वाले फैसले पर टिकी
है। उस दिन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तीन जजों की विशेष खंडपीठ द्वारा तीन
बिंदुओं पर महत्वपूर्ण फैसला लेना है। पहला यह कि क्या चयन का आधार केवल टीईटी मेरिट हो यानी टीईटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों द्वारा प्राप्त अंक के मेरिट को ही चयन का आधार मान लिया जाय। दूसरा टीईटी
में प्राप्त अंकों को भी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीए, बीएड में प्राप्त
अंकों के प्रतिशत को जोड़ दिया जाए और एक नई मेरिट सूची बने या टीईटी
पास को केवल योग्यता मानकर अन्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर बनी
मेरिट पर चयन हो। निर्णय चाहे जो भी हो अभ्यर्थियों को इसका बेसब्री से
इंतजार है क्योंकि पिछले दो सालों से इंतजार करते-करते थक चुके हैं। शनिवार
को बातचीत के दौरान गजियापुर निवासी मनोज कुमार यादव, बिग्रहपुर निवासी
रमेश सिंह, संतोष शर्मा, ममता शर्मा, दुबारी निवासी पिंटू गुप्ता, जितेंद्र
कुमार, मनोज उपाध्याय आदि का कहना है कि शिक्षक भर्ती का सपना देखते-देखते
आंखें पथरा चुकी हैं। कर्ज का बोझ जो सिर पर है वह अलग से परेशान किए है,
इसलिए जो भी फैसला हो वह अंतिम हो ताकि चिंताओं के बोझ से मुक्ति मिल सके।
इनमें से अधिकतर को यह उम्मीद है कि इस बार का फैसला शायद भर्ती की राह में
पड़े सभी रोड़े को हटा दें
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