बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी करने वालों केबिना टीईटी पास किए शिक्षक बनने के अरमानों पर पानी फिर गया है । राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से भेजे गए प्रस्ताव को राज्यसरकार ने खारिज कर दिया है ।
- BTC AND SBTC - बीटीसी व विशिष्ट बीटीसी वाले नहीं, टीईटी पास बनेंगे शिक्षक
शासन स्तर पर हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया है कि बिना टीईटी पास बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी वालों को शिक्षक नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए तर्कदिया गया है कि यूपी में शिक्षा का अधिकारनियमावली लागू है और इसमें शर्त है कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक बनेगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक रखने की योग्यता बीटीसी है। विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति लेकर बीएड डिग्रीधारकों को छह माह का विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देकर सहायक अध्यापक रखा जाता रहा है। यूपीमें वर्ष 2004 में सामान्य बीटीसी और वर्ष 2004, 2007 और 2008 में विशिष्ट बीटीसी के तहत भर्ती प्रक्रिया की गई ।
इस अवधि में चयनित कुछ अभ्यर्थियों को कुछ कमियों के चलते प्रशिक्षण देने से मना कर दिया गया। कोर्ट के निर्देश पर बाद में ऐसे अभ्यर्थियों को वर्ष 2011 में प्रशिक्षण दिया गया। यूपी में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की नियमावली जुलाई 2011 में जारी कीगई। इसके जारी होने के साथ यह अनिवार्य कर दिया गया कि टीईटी पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पात्र कर दिया गया ।
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी से बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधि मंडल मिला था। इन्होंने अपने साथ प्रशिक्षण करने वाले अभ्यर्थियों को शिक्षक बनाने की जानकारी देते हुए शेषबचे अभ्यर्थियों को भी इससे मुक्ति देने की मांग की थी।
इसके आधार पर एससीईआरटी से प्रस्ताव मांगा गया था, लेकिन शासन में उच्चाधिकारियों की बैठक में इस प्रस्तावको खारिज कर दिया गया। कहा गया कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। इसलिए टीईटी पास बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी वाले ही शिक्षक बन सकेंगे। पर इन्हें जिस मंडल सेप्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसके सभी जिलों में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने की छूट होगी ।
Source - Amar Ujala
22-9-2012
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